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कागज : एक राष्ट्रीय सम्पत्ति
सन २००४ के आम चुनाव भारत के लिये बेहद महत्वपूर्ण साबित हुए हैं, राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण ...
भोजन में मीठा ज़हर
देश की एक बड़ी आबादी धीमा ज़हर खाने को मजबूर है, क्योंकि उसके पास इसके अलावा कोई दूसरा चारा नहीं ...
प्लास्टिक कचरा : गहराता पर्यावरणीय संकट
प्लास्टिक कचरा पर्यावरण के लिए एक गंभीर संकट बना हुआ है. हर परिवार हर साल क़रीब तीन-4 किलो प्लास्टिक थैलों ...
जान हमने भी गंवाई है वतन की ख़ातिर…
'कुछ लोगों' की वजह से पूरी मुस्लिम क़ौम को शक की नज़र से देखा जाने लगा है... इसके लिए जागरूक ...
पत्रकारिता करते हुये भी पत्रकार बने रहने की चुनौती
पत्रकारिता मीडिया में तब्दील हो जाये। मीडिया माध्यम माना जाने लगे। माध्यम सत्ता का सबसे बेहतरीन हथियार हो जाये। तो ...
भारत-पाकिस्तान के बीच एलओसी का सच
लश्कर-ए-तोएबा , जैश-ए मोहमम्द, हिजबुल मुज्जाहिद्दीन ,हरकत-उ मुज्जाहिद्दीन , पाकिसातन तालिबान और इस फेरहिस्त में 19 से ज्यादा और नाम ...
दिल्ली इस्लामाबाद के बीच पठानकोट
तो पठानकोट हमला अपने आप में दो सवाल है। पहला, टैरर अटैक है या फिर पाकिस्तानी सेना की मदद से ...
दहेज प्रथा की शिकार हव्वा की बेटियां
हिंदुस्तानी मुसलमानों में दहेज का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है. हालत यह है कि बेटे के लिए दुल्हन तलाशने ...
सियासी बिसात पर संविधान और आंबेडकर भी प्यादा बन गये
इतिहास के पन्नों के आसरे जिस तरह की कवायद संसद के भीतर राजनीतिक दलों ने की उसने झटके में यह ...


