व्यंग्य

          भ्रष्टाचार – मुझे कैसे भगाओगे

व्यंग्य-कड़वा सच   मानव शुरू से ही लालची रहा है। लालच एक स्वभाविक प्रक्रिया है। यह लालच कई सूक्ष्य रूपों में रहता ...