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रात के अंधेरे में लालगढ़ से दिल्ली तक माओवादी नज़रिया

-सत्ता बंदूक की गोली से निकलती है और व्यवस्था बंदूक से चलती है - कोबाड के एनकाउंटर की तैयारी झारखंड में ...

समझ लीजिये विकास तले कैसे बर्बाद होते हैं किसान

नासिक शहर से करीब दस किलोमीटर दूर गंगापुर होते हुए करीब चार किलोमीटर आगे बनी देश की सबसे प्रसिद्ध वाइन ...

रेडकॉरिडोर में लाल क्रांति का सपना

कामरेड अब आगे आप क्या करेगे । वापस जंगल लौट जाऊंगा । कम से कम मरुंगा तो अपनों के बीच ...

वैकल्पिक राजनीति को खड़ा करता ममता का रेल बजट

माओवादियों को केन्द्र सरकार आतंकवादी करार दे चुकी है। जिन माओवादी प्रभावित इलाको में चार राज्यों में चार अलग अलग ...

आतंकवाद का राष्ट्रवादी चेहरा

अगर मैं आपको आतंकित कर सकता हूं, तो यकीन जानिए अपनी सुविधानुसार आपको आतंकित न करने का मेरा फैसला लोकतंत्र ...

जहां आतंकवाद की दस्तक नहीं,वहां युद्ध की तैयारी है

आतंकवाद ने जहां दस्तक नहीं दी, वहां युद्ध की आहट हो रही है । आतंकवादी हिंसा ने अपना निशाना भारत ...

आरएसएस को हिन्दुत्व का पाठ पढ़ाएंगी सावरकर की पाती

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की मानें तो एटीएस पंचतंत्र की कहानी लिख रहा है। क्योंकि जो लोग मालेगांव ब्लास्ट के आरोपी ...

बांटने वाली राजनीति के खिलाफ छात्र आंदोलन की जरुरत

1955 का वाकया है। बिहार रोड ट्रांसपोर्ट और पटना विश्वविद्यालय के बी.एन. कॉलेज के छात्रों के बीच किसी बात को ...

बाटला हाउस के इर्द-गिर्द

आतंकवाद से बड़ा है बटला इनकाउंटर और बटला से बड़े हैं अमर सिंह और अमर सिंह से छोटी है राष्ट्रीय ...

कलावती के गांव में जिन्दगी सस्ती है, राहुल गांधी के पोस्टर से

kalawatiजालका गांव। देश के बारह हजार गांवों में एक। लेकिन पिछले तीन साल में सबसे अलग पहचान बनाने वाला गांव। ...