विविध

भारत को डसता आरक्षण का नाग

संविधान निर्माता बाबा भीमराव अम्बेडकर ने सपने में भी कभी नहीं सोचा होगा जिस दलित पिछडे, दबे-कुचलों के लिए जीवन ...

बदलने लगी संघ की चाल और बीजेपी का चेहरा

आरएसएस ने पहली बार राजनीतिक तौर पर सक्रिय रहे स्वयसेवकों को संगठन के भीतर जगह दी है, तो बीजेपी पहली ...

दलित आरक्षण सवालों के कटघरे में

  हिन्दुस्तान का ताना-बाना प्रारंभ से ही विभिन्न जाति, धर्म, भाषाओं का रहा है। हम इतिहास के पन्नों को पलटे तो ...

कैसे बिछी लोकपाल पर मठ्ठा डालने की सियासी बिसात

यह पहला मौका है जब सरकार ने किसी बिल को पेश करने से ज्यादा मशक्कत बिल पास न हो इस ...

देश नहीं, सत्ताधारियों की आजादी

पहली बार विदेशी निवेश पर घिरे 'मनमोहनोमिक्स' ने मौका दिया है कि अब बहस इस बात पर भी हो जाये ...

सरदार पटेल की मेहनत बेकार जायेगी?

भारत की स्वतंत्रता के पहले भारत में लगभग 565 छोटी-छोटी रियासतें/सूबे अस्तित्व में थे, जिसके अपने फायदे कम नुकसान ज्यादा ...

ड्रैगन(चीन) के बढ़ते कदम

अविभाजित हिन्दुस्तान का कभी अभिन्न अंग रहा पाकिस्तान धर्म के आधार पर विभाजित हो कट्टरता के चलते आज स्वयं के ...

कमीशन की कमाई पर लोकतंत्र से लड़ाई

कुल मिलाकर दो बार। पहली बार एक लाख बहत्तर हजार डॉलर। और दूसरी बार एक लाख सत्तानवे हजार डॉलर। दोनों ...

काजल की कोठरी में अन्ना के अरविन्द

अरविन्द केजरीवाल पर सरकार हल्ला बोले और अन्ना हजारे चुप रहें यह कैसे हो सकता है? सरकार उनके आयकर बकाये ...

सियासी बिसात कैसे बिछी अन्ना के लिये

जनलोकपाल के जनतंत्र से हारा संसदीय लोकतंत्र   जनलोकपाल की लड़ाई क्या ऐसे मोड पर आ गई है, जहां कांग्रेस को अब ...