राजनीति

कहीं अपने होने का अर्थ ही न खो दें राहुल गांधी !

समय आ गया है जब राहुल गांधी कांग्रेस की समान संभाल लें। लेकिन राहुल हैं कि पता नहीं किस दिन ...

‘न्यू इंडिया’ के लिए राष्ट्रपति कौन… ये, वो या फिर कोई और ?

राजनीति की रपटीली राहों पर राष्ट्रपति चुनाव की बिसात बिछनी शुरू हो गई है। पांच राज्यों में चुनाव हो गए। ...

जिन्ना हाउस ध्वस्त होना ही चाहिए, आखिर भारत के विभाजन की निशानी है

पाकिस्तान के राष्ट्रपिता मोहम्मद अली जिन्ना ने भारत के टुकड़े करने के लिए जिस जगह का उपय़ोग किया, वह जिन्ना ...

प्रशांत किशोर की उस्तादी खतरे में, धंधा बंद होने की कगार पर

देश के राजनीतिक पटल पर चुनाव प्रबंधन के उस्ताद के रूप में अचानक प्रकट हुए प्रशांत किशोर की उस्तादी खतरे ...

दलों का लेन-देन डिजिटल करें

     नोटबंदी के चक्र-व्यूह में फंसी सरकार को गजब का मतिभ्रम हो रहा है। पिछले 40-42 दिन में वह नोटबंदी ...

कुर्बान जाऊं ऐसी ‘फकीरी’ पे बार-बार

                         प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गत् 8 नवंबर को घोषित की गई नोटबंदी का दुष्प्रभाव बढ़ता ही जा रहा है। ...

मोदी के गुजरात भाषण का मूल सारांश

गुजरात के डीसा में अमूल की नई इकाईयों के शुभारंभ पर किसानो को दिए गये प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल ...

इस मोदी-मंत्र का हश्र क्या होगा?

      पिछले 25 दिन में बैंकों में लगभग 12 लाख करोड़ रु. जमा हो चुके हैं। सरकार के ...

मोदीः देर आयद, दुरुस्त आयद!

      8-9 अक्तूबर को जब नोटबंदी की घोषणा हुई, उसी दिन मैंने कहा था कि यह सरकार 30 ...

नोटबंदी के विरोध का सच

खिसियाये दल, सड़क से संसद तक छाती पीट रहे हैं      प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हजार-पांच सौ के नोट बंद ...