पेट फूलने की बीमारी का कारगर उपाय

जब पेट का व्यास अपने सामान्य आकार से अधिक बढ़ जाये और असहज और तंग महसूस कराये तो यह पेट फूलना कहा जाता है। इसे पेट की सूजन के नाम से भी जाना जाता है। यह बहुत ही सामान्य समस्या गलत खाद्य आदतों या जीवन शैली आदि के कारण हो सकता है।

पेट फूलने का कारण-

आमतौर पर जो देखा गया है वो है गैस बनना जब हम खाना खाते है तो बहुत बार खाने के दौरान बोलने के दौरान वायु पेट में चली जाती है या यो कहें कि हम हवा को निगल लेते हैं. यह हवा डकार द्वारा पेट से बाहर निकल जाती है. और यदि वही हवा आंत में चली जाती है जो अधोवायु के रूप में बाहर निकलती है. जिसे गैस कहते हैं गैस बनने का दूसरा कारण पाचन तंत्र संबंधी दोष है. पाचन के दौरान भोजन में खाए गए खाद्य पदार्थ का उपापचय हानिरहित बैक्टीरिया और एंजाइम द्वारा किया जाता है. जो हमारी आहारनाल में मौजूद होते हैं इसी दौरान कुछ गैस- हाइड्रोजन, कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन भी बनती हैं. कुछ लोगों के पेट में सल्फर गैस भी बनता है जो बदबू पैदा कर सकता है. और वो बदबू वाली गैस पास करते हैं

पेट फूलने का कारण पर नज़र डालें तो हमारे पास खाद्य पदार्थ की ऐसी कोई सूची नहीं है जिनके कारण ही गैस बनता है. कुछ खाद्य पदार्थों से कुछ लोगों को गैस बन जाता है जबकि कुछ लोगों को उन्ही खाद्य पदार्थों से कोई गैस नहीं बनती है.इसके पीछे कई कारण हो सकते है जैसे सुबह का नाश्ता समय पर न करना, गलत तरीके से खाना और ज्यादा जंक फूड खाने से अंजाने में ही हम ढेर सारी हवा निगल लेते हैं, जिसकी वजह से हमारे पेट में काफी गैस भर जाती है। इस गैस की वजह से हमारा पेट हमेशा फूला हुआ नजर आता है और कमर का आकार भी बड़ा हो जाता है। तो आइये जानते है की इससे छुटकारा कैसे पाया जाये|

शारीरिक व्यायाम को अपनायें-

प्रतिदिन शारीरिक व्यायाम को करना शरीर में गतिविधि के द्वारा आपके पेट के पाचन को बढ़ाता है। आठ घंटे के लिये सोना शरीर के स्वास्थ्य की आवश्यकता भी है।

पोटैशियम आधारित खाद्य-

पोटैशियम में शरीर में तरलता को संतुलित करने का गुण होता है जो फूलने की समस्या को दूर रखता है। पोटैशियम खाद्यों में शामिल है केला, टमाटर, पालक, आम और नट आदि। ये पोटैशियम आधारित खाद्य शरीर में उपस्थित अतिरिक्त पानी को निकाल देगा जिसके द्वारा आप पेट फूलने से आराम पा सकते हैं।

*केला फाइबर का बेहतरीन स्त्रोत होता है तथा यह कब्ज़ से जुड़ी गैस एवं पेट के फूलने की समस्या का उपचार करता है। केला पोटैशियम (potassium) से भरपूर होता है जिसकी मदद से हमारे शरीर में द्रव्यों का स्तर नियंत्रित होता है। यह हमें पेट फूलने की समस्या से निजात दिलाता है। आप पेट के फूलने की समस्या को दूर करने के लिए रोज़ाना केले का सेवन कर सकते हैं। आप या तो नाश्ते में केले का सेवन करें, या फिर इन्हें फलों के सलाद या मीठे में शामिल करें।

मसालेदार खाद्य से बचें-

मसालेदार खाद्य से बचने की कोशिश करें जो परेशानी या आपके पेट फूलने की समस्या का कारण हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति को पेट फूलने की समस्या है तो कुछ मसालेदार खाद्यों से बचें जैसे काली मिर्च, सिरका, मिर्च पाउडर, सरसों, मूली, प्याज, लहसुन।

अदरक-

पेट को सपाट बनाये रखने के लिए आधा चम्मच सूखा अदरक पाउडर लें और उसमें एक चुटकी हींग और सेंधा नमक मिलाकर एक कप गर्म पानी में डालकर पी जाये|

दही-

दही में बैक्‍टीरिया होता है, जिससे पाचन तंत्र हमेशा ठीक रहता है तथा खाना भी हजम हो जाता है। गर्मियों के दिनों में दही का सेवन करने से गैस की समस्या नहीं होती और पेट नहीं फूलता|

धनिया-

पेट फूलने पर हरे धनिया की चाय पीना भी बेहद फायदेमंद है। इससे पेट दर्द ठीक हो जाएगा और गैस भी निकल जाएगी।

नींबू-

रोज सुबह गरम पानी में नींबू निचोड़ कर पीने से पेट नहीं फूलता।

मालिश-

गैस को बाहर को निकालने के लिये पेड़ू पर जठरांत्र की दिशा में मालिश करें, अपनी उंगलियो से ठीक कूल्हे के पास दबायें।

कैसे बचें:-

पोषक भोजन खाएं, जिसमें चीनी की मात्रा कम हो। ढेर सारा पानी पिएं। नमक का सेवन कम करें। खाने के तुरंत बाद न सोएं।हमारा अच्छा स्वास्थ्य केवल पौष्टिक भोजन खाने पर निर्भर नहीं करता। यह इस पर भी निर्भर करता है कि हमारा शरीर उस भोजन को कितना पचा पाता है। अच्छी सेहत के लिए चुस्त-दुरुस्त पाचन तंत्र का होना जरूरी है। पाचन वह प्रकिया है, जिसके द्वारा शरीर ग्रहण किए गए भोजन और पेय पदार्थ को ऊर्जा में बदलता है। पाचन तंत्र के ठीक काम न करने पर भोजन बिना पचा रह जाता है, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर असर डालता है।

स्टार्च खाद्य को सीमित मात्रा में लें या बचें-

पेट फूलने के मुख्य कारण में से एक स्टार्च खाद्य भी है। स्टार्च शामिल खाद्य जैसे नूडल्स, सफेद ब्रेड, पेस्ट्री, केक, पास्ता आदि को सीमित या से बचने की कोशिश करें।

*अधिकतर लोगों को सेम, गोभी, प्याज, नाशपाती, सेब, आड़ू, दूध और दूध उत्पादों से अधिकांश लोगों को गैस बनती है. असल में वैसे खाद्य पदार्थ जिनमें वसा या प्रोटीन के बजाय कार्बोहाइड्रेट का प्रतिशत ज्यादा होता है, के खाने से ज्यादा गैस बनती है.अक्सर, जैसे ही एक व्यक्ति की उम्र बढती है, कुछ एंजाइमों का उत्पादन कम होने लगता है और कुछ खाद्य पदार्थों से अधिक गैस भी बनने लगता है.

*पेट फूलने का कारण कई हैं। गैस, बड़ी आंत का कैंसर, हर्निया पेट को फुलाते हैं। ज्यादा वसायुक्त भोजन करने से पेट देर से खाली होता है, जो बेचैनी भी उत्पन्न करता है। कई बार गर्म मौसम और शारीरिक सक्रियता की कमी के कारण भी पेट में तरल रुक जाता है, जो पेट फुलाता है। नमक और कई दवाएं भी तरल पदार्थो को रोक कर रखती हैं, जो पेट को फुलाता है।

ये उपाय भी असरदार हैं-

*पीने के लिए ठंडे पानी की जगह हल्के गरम पानी का इस्तेमाल करें।

*भोजन के पश्चात थोड़ी सी अजवायन के दाने खान से पेट नहीं फूलता।

*तुलसी की कुछ पत्‍तियों के सेवन से आपको काफी लाभ मिलेगा।

*सौंफ खाने या इसकी चाय पीने से पेट की गैस एक मिनट में निकल जाती है।

*कभी भी जल्दी जल्दी खाना न खाए। आराम से और चबा-चबा कर खाएं।

*जिन लोगों को कब्ज की शिकायत होती है, अक्सर उनका पेट फूला हुआ होता है।

इस परेशानी से बचने के लिए हेल्दी खाना खाएं।

*एक कप पुदीने की चाय पीने से पेट दर्द ठीक होता है और गैस निकलती है।

*अपनी दिनचर्या में व्यायाम को शामिल करें।

*पेट कम करने के लिए मीठी चीजें, जैसे चॉकलेट, चाय या कॉफी का सेवन कम-से-कम करें।

 

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