देश की समस्या

1984 में सिखों का कत्लेआम कांग्रेस द्वारा प्रायोजित था

जेहादी कांग्रेस द्वारा सिखों के नरसंहार के बाद उपजी भ्रांतियां   योगी ब्रह्मऋषि(डॉ. संतोष राय) की कलम से   31 अक्तूबर 1984 को ही ...

डोकलाम पर भारत की कूटनीतिक जीत

डोकलाम विवाद सुलझ गया, वह भी बि‍ना किसी की संप्रभुता को चुनौती दिए बगैर । भारत सरकार की ओर से ...

एक भगवान जो है हैवान-शैतान 

वो दर्द से छटपटाती रही पर निष्ठुर डॉक्टरों को उस पर जरा भी दया नहीं आई Safdarjung Hospital New Delhi. सफदरजंग अस्पताल ...

चीनी सामान के प्रति हमारी भक्‍ति ?

इसे लालच की कौन सी पराकाष्‍ठा माना जाए ?  कुछ समझ नहीं आता । चीनी सामान के प्रति हमारी भक्‍ति ...

असामान्य होती स्थितियों का गंभीर चुनौती बनना

हर देश की राजनीति समाज का आईना होती है। पिछले तीन वर्षों से हमारे यहां राजनीतिक स्तर पर जो कुछ ...

आपातकाल: इंदिरा के अत्‍याचार से जनता की रूह कांप गई थी

1975 की तपती गर्मी के दौरान अचानक भारतीय राजनीति में भी बेचैनी दिखी. यह सब हुआ इलाहाबाद हाई कोर्ट के ...

धर्मग्रंथ बड़ा है कि राष्ट्रग्रंथ ?

तीन तलाक के बारे में हमारे सर्वोच्च न्यायालय ने अभी जो शुरुआती विचार रखा है, उसी पर देश के विचारकों ...

बड़ी अदालत में बड़ा अन्याय

भारत की अदालतें जादू-टोना घर बनी हुई हैं। भारत-जैसे पूर्व गुलाम देशों की यही दुर्दशा है। अंग्रेजों की बनाई (अ) ...

सुकमा की शहादत का मुंहतोड़ जबाव हो

                छत्तीसगढ़ के सुकमा क्षेत्र में नक्सलवादियों ने 26 सीआरपीएफ जवानों की नृशंस हत्या करके करोड़ों देशवासियों को आहत किया ...

‘नोटबंदी’ के बाद ‘बत्ती बंदी’ यानी बड़ा फैसला…

इसे कहते हैं निर्णय लेना और उसे अमल में लाना..जी हाँ, केन्द्र में आसीन मोदी सरकार ने सरकारी तंत्र की ...