Author: फ़िरदौस ख़ान
विभिन्न धर्मों में माँ का अस्तित्व
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मातृ दिवस पर विशेष दुनिया के सभी मज़हबों में माँ को बहुत अहमियत दी गई है, क्योंकि माँ के दम से ...
रेडियो की आवश्यकता आज भी सर्वोपरि
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विश्व रेडियो दिवस 13 फ़रवरी पर विशेष आज भी बरक़रार है रेडियो का जलवा ऑल इंडिया रेडियो से हमारा दिल का या ...
मधुमेह का बढ़ता ख़तरा
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विश्व मधुमेह दिवस 14 नवंबर पर विशेष दुनियाभर में मधुमेह का ख़तरा लगातार बढ़ रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के ...
जननेता थे कॉमरेड सुरेश भट्ट
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कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो अपनी सारी ज़िन्दगी जनसेवा को समर्पित कर देते हैं और पलट कर भी ...
अख़बारों से लुप्त होता साहित्य
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साहित्य समाज का आईना होता है। जिस समाज में जो घटता है, वही उस समाज के साहित्य में दिखलाई देता ...
रहें न रहें हम, महका करेंगे…
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मजरूह सुल्तानपुरी की जयंती 1 अक्टूबर पर विशेष गीत जब ज़ुबान पर चढ़ जाते हैं, तो वे सीधे दिल की गहराइयों ...
अंतरराष्ट्रीय बुज़ुर्ग दिवस (एक अक्टूबर) पर विशेष
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ज़िन्दगी की सांझ में बुज़ुर्गों का सहारा बनें मां-बाप बड़े लाड़-प्यार से बच्चों की परवरिश करते हैं। उन्हें अच्छे से अच्छा ...
अपनी भाषा हिन्दी पर गर्व करें
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हर भाषा की अपनी अहमियत होती है। फिर भी मातृभाषा हमें सबसे प्यारी होती है, क्योंकि उसी ज़ुबान में हम ...
मिलावटी मिठाइयों का बढ़ता कारोबार
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त्यौहार के दिनों मे बाज़ार में नक़ली मावे और पनीर से बनी मिठाइयों का कारोबार ज़ोर पकड़ लेता है. आए-दिन ...
मेरे महबूब…
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मेरे महबूब ! उम्र की तपती दोपहरी में घने दरख़्त की छांव हो तुम सुलगती हुई शब की तन्हाई में दूधिया चांदनी की ठंडक हो तुम ज़िन्दगी के बंजर सहरा ...


