Author: फ़िरदौस ख़ान

मिलावटी मिठाइयों का बढ़ता कारोबार

त्यौहार के दिनों मे बाज़ार में नक़ली मावे और पनीर से बनी मिठाइयों का कारोबार ज़ोर पकड़ लेता है. आए-दिन ...

मेरे महबूब…

मेरे महबूब ! उम्र की तपती दोपहरी में घने दरख़्त की छांव हो तुम सुलगती हुई शब की तन्हाई में दूधिया चांदनी की ठंडक हो तुम ज़िन्दगी के बंजर सहरा ...

हर पल के शायर थे साहिर लुधियानवी

जन्मदिन पर विशेष बीते आठ मार्च को साहिर लुधियानवी का जन्मदिन था. उनके चाहने वालों ने इसे अपने-अपने तरीक़े से मनाकर ...

बायो गैस संयंत्र से जीवन में आया आमूल-चूल परिवर्तन

बायो गैस ने लोगों की ज़िन्दगी को बेहतर बना दिया है. देश के अनेक गांवों में अब महिलाएं लकड़ी के ...

भाई-बहन का स्नेह बसा है राखी में

रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक है। यह त्यौहार श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस दिन ...

सांस्कृतिक दूत सपेरे

नाग पंचमी (27 जुलाई) पर विशेष भारत विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं का देश है। प्राचीन संस्कृति के इन्हीं रंगों को देश ...

मां, तुझे सलाम…

क़दमों को मां के इश्क़ ने सर पे उठा लिया साअत सईद दोश पे फ़िरदौस आ गई...   ईश्वर ने जब कायनात की ...

लोहड़ी, जो रस्म ही रह गई…

तीज-त्यौहार हमारी तहज़ीब और रवायतों को क़ायम रखे हुए हैं. ये ख़ुशियों के ख़ज़ाने हैं. ये लोक जीवन का एक ...

संता से मांगी एक ’विश’ मुहब्बत की

क्रिसमस पर विशेष       यह हमारे देश की सदियों पुरानी परंपरा रही है कि यहां सभी त्‍यौहारों को मिलजुल ...

जाने कहां खोती जा रही हैं गांव की संस्‍कृत‍ि

आदि अदृश्य नदी सरस्वती के तट पर बसे हरित प्रदेश हरियाणा अकसर जाना होता है. बदलाव की बयार ऐसी चली ...