मनुष्य

मनुष्य को मानवता का धर्म कभी नहीं छोड़ना चाहिए


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   "बड़े भाग मानुष तन पावा, सुर दुर्लभ सब ग्रंथन गावा", राम चरितमानस  की ये लाइन तुलसी दास ने यूं ...