साजिशेँ कर गई हवा लेकिन…
साजिशेँ कर गई हवा लेकिन…
Warning: Undefined variable $excerpt in /home/bharatva/public_html/wp-includes/deprecated.php on line 1717
साजिशेँ कर गई हवा लेकिन, मैँ तेरी राह मेँ रूका लेकिन। रस्म-ए-उल्फत निभाई है मैनेँ, लोग कहते हैँ बेवफा लेकिन। हर शमां बुझ गई ...


