राजनीति
बात सिर्फ आतंक पर ही क्यों?
लगता है कि हमारी सरकार की पाकिस्तान-नीति रामभरोसे ही चल रही है। प्रधानमंत्री नया पैंतरा खोल रहे हैं और विदेश ...
‘इट हैपेन्स ओनली इन इंडिया’…
वैसे तो भीषण दुर्घटनाओं व जानलेवा हादसों का विश्वव्यापी इतिहास है। रेलगाडिय़ों की परस्पर भिड़ंत,पुलों का बह जाना, विमान दुर्घटनाएं ...
मोदीः देर आयद, दुरस्त आयद!
नरेंद्र मोदी ने अपने ‘टाउन हॉल’ भाषण में गोरक्षकों के सवाल पर देश को जो टालू मिक्सचर पिलाया था वह ...
गोरक्षकों पर चालाक बयान
गौरक्षकों के बारे में मोदी ने अपना मौन तोड़ा। कुछ मुद्दों पर उन्होंने जो मनमोहन-खोल ओढ़ रखी थी, उसे ‘टॉउन ...
मायावती भला क्यों बनें बौद्ध ?
केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने गौरक्षकों को जो नसीहत दी है, उसे सभी विवेकशील लोग पसंद करेंगे। गोरक्षा जरुरी ...
केन्द्र आयुष चिकित्सकों के प्रति पक्षपात क्यों कर रहा है ?
नई दिल्ली। केन्द्र आयुष चिकित्सकों के प्रति पक्षपात क्यों कर रहा है ? ऐसा आयुष मंत्रालय के अधीन काम करनें वाले ...
मूर्खता का जवाब महामूर्खता से!
शब्दों की भी क्या माया है? द्रौपदी ने दुर्योधन को ‘अंधे का पुत्र अंधा’ क्या कहा, इस एक वाक्य ने ...
गांधी पर राहुल की महापंडिताई!
नेहरु राजवंश के युवराज राहुल गांधी अपने ही शब्द-जाल में फंस गए हैं। मार्च 2014 में देश को चुनाव का ...
अरुणाचलः अधूरा फैसला
अरुणाचल के बारे में जो फैसला सर्वोच्च न्यायालय ने दिया है, वह एतिहासिक है लेकिन मेरी राय में वह अधूरा ...


